नई दिल्ली, जनवरी 5: उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को यूपीए कार्यकाल के दौरान खरीदे गए 111 विमानों के मामले में सीबीआई को समय पर जांच पूरा करने को कहा है। सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटेगेशन की तरफ से वकील प्रशांत भूषण द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष न्यायालय ने सीबीआई को आदेश दिया है कि वो वर्ष 2005-06 एयर इंडिया द्वारा एयरक्राफ्ट खरीदी में घोटाले की जांच जून 2017 तक पूरा करे।

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच ने सीबीआई को जून तक इस घोटाले की जांच करने का आदेश दिया। प्रशांत भूषण ने याचिका में कहा है कि ये घोटाला उस समय हुआ जब नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल थे। उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि पटेल की वजह से एयर इंडिया को बायोमेट्रिक सिस्टम की खरीदी में गड़बड़ी की। ये खरीदी एक हजार करोड़ रुपये की की गई।

याचिका में कहा गया था कि यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान एयर इंडिया ने बिना वजह 111 विमान खरीदे, जिससे सरकारी खजाने को 67,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इसके साथ ही याचिका में विमानों की खरीद और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले अन्य निर्णयों की जांच सीबीआई या विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने की गुज़ारिश की गयी थी।

बता दें कि इससे पहले गुरुवार को सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश होते हुए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में तीन एजेंसियों की जांच चल रही है। इस मामले की जांच जून 2017 तक जांच पूरी हो जाएगी। यह सौदा साल 2004 से 2008 के बीच नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल के कार्यकाल में हुआ था।