नई दिल्ली, जनवरी 5: सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को आधार कार्ड योजना के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। बता दे कि याचिका में निजता के उल्लंघन पर चिंता जताई गई है। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने इसपर कहा कि निजी कंपनियों द्वारा आंकड़े संग्रह करना अच्छी बात नहीं है।

सर्वोच्च न्यायालय ने उन याचिकाकर्ताओं की याचिका पर भी कोई अंतरिम आदेश देने से मना कर दिया जिसमें मांग की गई है कि न्यायालय के अंतिम आदेश आने के पहले आधार योजना का सीमित उपयोग ही करने दिया जाए। आपको बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले को सुनवाई के लिए पहले ही संविधान बेंच को रेफर कर चुकी है।

गौरतलब है कि पहले सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से पूछा था कि नागरिकों के निजता के अधिकार क्या-क्या हैं ? हालांकि, न्यायालय अपने पहले के आदेश में आधार कार्ड का इस्तेमाल एलपीजी और पीडीएस प्रणाली के तहत सब्सिडी देने पर रोक लगा चुकी है।

न्यायालय के आदेश के बाद तुरंत ही रिजर्व बैंक ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और मांग की कि सब्सिडी और विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं से आधार कार्ड को जोड़ने के आदेश को न्यायालय स्पष्ट करे। 

बता दे कि इस तरह की कई जनहित याचिकाओं पर पहले भी सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई करने इस इनकार किया था। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय के इनकार के बावजूद कई याचिकाएं लगातार सर्वोच्च न्यायालय के पास आ रही है।