नई दिल्ली, जनवरी 6: भारत सरकार ने तकरीबन एक वर्ष पहले कई शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का बीड़ा उठाया था। जिसके लिए सरकार ने लकी ड्रा निकाला और उनमे जिस शहर के नाम आए उन्हे उसी क्रम में स्मार्ट सिटी बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। बता दे कि स्मार्ट सिटी बनने से शहरों की कायापलट हो जाएगी जिससे वहाँ रह रह लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
इसी दिशा में बढ़ते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जापान दौरे के दौरान जापानी सरकार से आवाहन किया था कि वे स्मार्ट सिटी बनाने में भारत की मदद करे। जिसे जापानी सरकार ने आखिरकार गुरुवार को स्वीकार किया है। बता दे कि जापान ने स्‍मार्ट सिटी के रूप में चेन्‍नई, अहमदाबाद और वाराणसी के विकास कार्यों से जुड़ने का निर्णय लिया है।

इस आशय की जानकारी भारत में जापान के राजदूत केंजी हीरामत्‍सु ने शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू के साथ अपनी बैठक के दौरान दी। हीरामत्‍सु ने यह भी कहा कि जापान भारत सरकार के शहरी विकास से जुड़े कदमों में काफी दिलचस्‍पी रखता है और उसने इसमें एक भागीदार बनने का फैसला किया है।

दूसरी ओर, ब्रिटेन के उच्‍चायुक्‍त डोमिनिक एसक्‍विथ ने भी वेंकैया नायडू से मुलाकात की और उन्‍होंने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे की हालिया भारत यात्रा के दौरान शहरी विकास के क्षेत्र में सहयोग पर दोनों देशों के बीच हस्‍ताक्षरित सहमति-पत्र (एमओयू) को मूर्त रूप देने के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। उन्‍होंने कहा कि स्‍मार्ट सिटी के विकास के लिए सरकारी स्‍तर पर सहयोग को संस्‍थागत रूप देने की व्‍यापक संभावनाएं हैं।

अब तक कई प्रमुख देश 15 स्मार्ट शहरों के विकास से जुड़ने के लिए आगे आ चुके हैं। इनमें अमेरिकी व्यापार विकास एजेंसी (यूएसटीडीए)- विशाखापत्तनम, अजमेर एवं इलाहाबाद, ब्रिटेन- पुणे, अमरावती (आंध्र प्रदेश) एवं इंदौर, फ्रांस- चंडीगढ़, पुडुचेरी एवं नागपुर और जर्मनी - भुवनेश्वर, कोयंबटूर एवं कोच्चि शामिल हैं।