नई दिल्ली, जनवरी 8: नोटबंदी के बाद से विदेश में रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों और प्रवासी भारतीयो को सरकार ने अवैध घोषित हो चुके 500 और 1000 के नोटो को जमा कराने की अवधि बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने ऐसे लोगो को पुराने नोट बदलने के लिए 30 जून तक का वक्त दिया हैं।वित्त मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि राजपत्र में इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। इसके अनुसार विदेश में रह रहे भारतीय 31 मार्च और एनआरआई 30 जून तक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। भारतीयों के लिए धन जमा कराने की कोई सीमा नहीं है, वहीं एनआरआई के लिए फेमा कानून के दायरे में धन जमा कराने की सुविधा उपलब्ध है। वर्तमान में इस कानून के तहत 25 हजार रुपया जमा कराया जा सकता है।

इस सुविधा का लाभ एक बार उठाया जा सकता है। संबंधित व्यक्ति को अपना पहचानपत्र और यह प्रमाण पेश करना होगा की इस दौरान वह विदेश में था और इससे पहले उन्होंने अपने खाते में कोई पैसा जमा नहीं कराया। इन नियमों का पालन करते हुए और केवाईसी से जुड़े प्रावधान पूरा होने की स्थिति में यह धन संबंधित व्यक्ति के खाते में जमा कर दिया जाएगा।

इस सुविधा का लाभ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मुबंई, दिल्ली, चेन्नै, कोलकाता और नागपुर शाखाओं में उपलब्ध होगी। विज्ञप्ति के अनुसार नेपाल और भूटान के लिए अगल फेमा कानून है जो इसपर भी लागू होगा। वहीं, पाकिस्तान और बांग्लादेश के भारतीय नागरिकों को इससे बाहर रखा गया है। इस व्यवस्था के खिलाफ किसी भी शिकायत के लिए 14 दिनों के अंदर रिजर्व बैंक के केन्द्रीय बोर्ड में अपील की जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए आरबीआई की वेबसाइट पर जाया जा सकता है।