लखनऊ, जनवरी 8: आखिरकार समाजवादी पार्टी में लंबे समय से जारी विवाद में मुख्यमंत्री अखिलेश की जीत होती दिख रही है। कभी समाजवादी पार्टी में एकल राज करनेवाले मुखिया मुलायम सिंह यादव ने घुटने टेक दिये है। मुलायम ने आज कार्यकर्ताओं से कहा की अब सब कुछ अखिलेश के पास, मेरे पास तो गिनती के विधायक बचे हैं। बता दें की आज शाम छह बजे मुलायम ने प्रैस कॉन्फ्रेंस रखवाया है जिसमे उम्मीद जताई जा रही है की वों अपनी हार स्वीकार कर सकते है।इससे पहले आज मुलायम सिंह पार्टी मुख्‍यालय पहुंचे, जहां उन्‍होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और कहा कि जल्‍द ही सब ठीक हो जाएगा। उन्‍होंने कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्रों में जाकर काम करने को कहा। सबको हैरत में डालते हुए मुलायम ने आज पार्टी के कई कमरों में ताले बंद करा दिये और सूत्रों के अनुसार चाबियां लेकर चले गए। अब मुलायम सिंह की टीम जल्‍द ही चुनाव आयोग से भेंट कर अपने कागजात पेश कर सकती है, जबकि रामगोपाल यादव पहले ही कल आयोग के सामने साइकिल सिम्‍बल पर अपना दावा ठोक चुके है।

वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) में मचे घमासान के बीच प्रो.रामगोपाल यादव ने एक बार फिर दावा किया है कि अखिलेश गुट ही असली सपा है और नाम से लेकर निशान पर उसका हक बनता है। उन्होंने विधानसभा चुनाव में इस खेमे की सौ फीसदी जीत का दावा किया, वहीं मुलायम गुट को लेकर कहा है कि उन्हें उम्मीदवार भी नहीं मिलेंगे।

रामगोपाल ने कहा कि चुनाव आयोग ने उनसे कहा था कि वह अपने हर समर्थक का अलग-अलग हलफनामा पेश करें। इसलिए उन्होंने 229 विधायकों में से 205 एमएलए, 68 विधान परिषद सदस्यों में से 56 एमएलसी, 24 सांसदों में से 15 एमपी, 45 राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों में से 30 और 4400 प्रधिनिमण्डलों के अलग-अलग ऐफिडेविट पेश किए।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने इन सभी की एक कॉपी उसे देने से पहले मुलायम सिंह यादव को भी देने के लिए कहा था। इसीलिए इस पूरी प्रक्रिया के कारण कल हलफनामा जमा करने में उन्हें देरी हुई। रामगोपाल ने मुलायम यादव की ओर से अधिवेशन को अंसवैधानिक बताने पर कहा कि पार्टी में डेमोक्रेसी के आधार पर फैसले होते हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और निर्वाचन आयोग पहले भी बहुमत के आधार पर हुए फैसलों को सही ठहरा चुके हैं। अगर आयोग चाहेगा तो एक घण्टे में सभी को सामने खड़ा कर दिया जायेगा।