अहमदाबाद, जनवरी 9: ‘पतंग उत्सव’ का जिक्र करते ही हमारे जेहन में रंग-बिरंगी पतंगो की महज छवि सोचकर ही मन प्रफुल्लित हो उठता है। तो जरा सोचिए भारत के पश्चिमी भाग में बसा समृद्धशाली राज्य गुजरात में मनाया जानेवाला ‘अंतर्राष्ट्रीय पतंग उत्सव’ कितना भव्य और खूबसूरत होगा। त्योहारों और सांस्कृतिक उत्सवों के लिये विश्व प्रसिद्ध गुजरात में पतंग महोत्सव मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।जनवरी माह के मध्य में (14 जनवरी) उत्तरायण पर्व आता है। इस दिन भगवान भास्कर उत्तरायण को प्रयाण करते हैं जिसके साथ ही वसंत ऋतु का आगमन होता है। खेतो में खड़ी फसल पककर तैयार हो जाती है और कटाई का समय आ जाता है। इसलिए अपनी मेहनत का फल तैयार होने से किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहता। इसअवसर पर नव धान्य से बने सुस्वादु मिष्टान्न उत्सव का आनंद दोगुना कर देते हैं।

यहाँ का पतंग उत्सव अपनी रंगीन और अद्भुत खूबसूरती के कारण विश्वभर में अत्यंत लोकप्रिय है। मकर संक्रांति पास आते ही सभी गलिया-बाजार रंगीन सुंदर पतंगो से सज जाती ही। पतंग पतले रंगीन कागज व बाँस के रेशों से बनाई जाती है। गुजरात में इस पर्व को मनाने का निराला अंदाज है। इस समय गुजरातवासी रंग-बिरंगी पतंगों से आसमान भर देते हैं। ये रंग विविधता में एकता, आनंद, उत्साह और परस्पर स्नेह-सौहार्द के प्रतीक हैं।

यह एक ऐसा रंगीन उत्सव है जहाँ बच्चे-बूढ़े, धनी-निर्धन, स्वदेशी-विदेशी सभी भेद-भाव भूलकर अनंत आकाश में एकता के रंग भर देते हैं। पतंग महोत्सव के साथ ही गुजरात में एक साल में लगभग 24 बड़े मेलों और त्योहारों का दौर शुरू हो जाता है। गुजरात में राज्य पर्यटन विभाग की ओर से सन् 1989 से प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय पतंग उत्सव अहमदाबाद में आयोजित किया जाता है।

इसबार अंतर्राष्ट्रीय पतंग उत्सव मे भारत के आठ राज्यों से लगभग 120 पतंगबाज और अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, ब्रिटेन, अर्जेंटीना, ब्राजील और बेल्जियम समेत लगभग 31 देशों के 100 पतंगबाजों सहित पतंग के पेंच लड़ाने में सिद्धहस्त पतंग करतबबाज भाग ले रहे हैं। राज्य पयर्टन निगम की ओर से उत्तरायण के मौके पर आयोजित पतंग उत्सव 14 जनवरी तक चलेगा।