नई दिल्ली, जनवरी 9: श्रीलंकाई नौसेना द्वारा जल सीमा क्षेत्र के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किए गए 51 मछुआरे आज अपने घर वापस लौट रहे है। केन्‍द्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह और श्रीलंका के मछली पालन मंत्री महिन्‍दा अमरवीरा के बीच कोलम्‍बो में संयुक्‍त कार्यदल की बैठक के बाद इन मछुआरे को रिहा किया गया है।श्रीलंकाई नौसेना आज दोपहर तमिलनाडु के 51 मछुआरों को  अंतर्राष्‍ट्रीय समुद्री सीमा पर भारतीय तटरक्षक बल को सौपेंगी। भारतीय तटरक्षक बल के जहाज रानी दुर्गावती से इन्‍हें कराइकल बंदरगाह लाया जाएगा। जिसके बाद स्‍थानीय मत्‍स्‍य अधिकारियों द्वारा इन्‍हें मछुआरों की बस्‍ती भेजा जाएगा।Embeded Objectइसमें सबसे अधिक नागपट्टिनम और रामेश्‍वरम के मछुआरे है जिन्हे श्रीलंकाई नौसेना ने नव के साथ हिरासत में लिया था। वहीं तमिलनाडू के मुख्यमंत्री सेल्वम ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। उन्होंने राज्य के मछुआरों की समस्या को कूटनीतिक स्तर पर उठाने की मांग की थी। उन्होंने सभी की गिरफ्तारी पर खेद जताया था।

इससे पहले, भारत-पाकिस्तान के बीच हुई संधि के चलते पाकिस्तान ने शुक्रवार रात 218 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया। रिहा हुए सभी मछुआरे शनिवार सुबह अटारी-बाघा सीमा के रास्ते भारत में दाखिल हुए। रिहा हुए मछुआरे लंबे समय से पाकिस्तान की जेलों में बंद थे। इनमें से बहुत से ऐसे थे, जिनकी सजा पूरी हो चुकी थी और इसके बावजूद पाकिस्तान ने उन्हें रिहा नहीं किया था। भारतीय सीमा में प्रवेश करने के बाद बीएसएफ तथा अन्य एजेंसियों ने कागजी कार्रवाई पूरी की तथा उक्त सभी मछुआरों को उनके पैतृक राज्यों की तरफ भेज दिया।