श्रीनगर, जनवरी 9: नापाक पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में एलओसी के पास बटाल गांव में सोमवार सुबह जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स (जीआरईएफ) कैंप पर आतंकी हमला हुआ। इस हमलें में 3 कर्मचारियों की मौत हो गयी है। सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है। आतंकियों की तलाश की जा रही है। वहीं आतंकी हमले के बाद अखनूर सेक्टर में सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिये गए है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के नजदीक अखनूर सेक्टर के बटाल क्षेत्र में जीआरईएफ कैम्‍प पर आतंकवादियों ने हमला किया है। इस हमले में तीन लोग मारे गए हैं। आज तड़के आतंकवादियों ने जीआरई एफ कैम्‍प पर हमला किया। आतंकवादियों की संख्या का फिलहाल पता नहीं चल सका है। सुरक्षाबलों ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया है।

जीआरईएफ कैंप पर हमला आतंकियों की एक सोची समझी रणनीति का हिस्‍सा है क्योकि इस पर हमले से बीआरओ को कमजोर करना है। जीआरइएफ सीमा सड़क ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की योजनाओं को सही तरह से अमल कराने या संपन्‍न कराने के लिए जिम्मेदार होती है। सेना जिन सड़कों से गुजरती है उनकी देखरेख करती है।

जीआरइएफ भी बॉर्डर और एलओसी से सटे इलाकों के आसपास सड़क बनाने का काम करती है ताकि सेना को परेशानियां न हों। जीआरइएफ में भारतीय सेना के इजींनियर्स को नियुक्त किया जाता है। जीआरइएफ में सिविल, इलेक्‍ट्रिकल और मैकेनेकिल इंजीनियर्स तीनों ही होते हैं। जीआरइएफ के कर्मियों को सैनिकों के बराबर ही दर्जा दिया जाता है।

बता दें की पिछले साल सितंबर और नवंबर में भी आतंकियों ने सेना के कैंपों को निशाना बनाया था। सितंबर में उड़ी में सेना मुख्यालय पर हुए हमले में 18 जवान शहीद हो गए थे। नवंबर में आतंकियों ने नगरोटा में सेना की यूनिट पर हुए हमले में 7 जवान शहीद हुए थे।