नई दिल्ली, जनवरी 9: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा की जहां एक तरफ देश के प्रधानमंत्री मोदी भविष्य की चिंता कर रहे है तो वहीं ओर काँग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ये बहाना तलाशने में जुट गए है की कैसे संसद का अगला सत्र बाधित किया जाए। जेटली ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है की प्रधानमंत्री और उनके विरोधियों के दृष्टिकोण में निश्चित अंतर है।वित्‍तमंत्री ने नोटबंदी के विरोध पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा है कि कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तकनीक के आधार पर साफ-सुथरी अर्थव्‍यवस्‍था के प्रति आशावान हैं, जबकि राहुल गांधी संसद की कार्यवाही बाधित करने के बहाने तलाश रहे हैं। कांग्रेस तकनीक, परिवर्तन और सुधार का विरोध कर रही है। वित्‍तमंत्री ने यह भी कहा कि नोटबंदी के अर्थव्‍यवस्‍था पर दुष्‍प्रभाव के कांग्रेस के दावे गलत साबित हुए हैं।

जेटली ने कहा कि नोटबंदी के बाद लोगों के कष्‍ट और असुविधाओं के दिन बीत गए हैं तथा आर्थिक गतिविधियां फिर शुरू हो गई हैं। बैंकों के पास आज विकास संबंधित ऋण देने के लिए अधिक पैसा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि 86 प्रतिशत मुद्रा को चलन से बाहर कर दिया जो कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 12.2 प्रतिशत है और उसे नई करेंसी से बदला जाए, तो उस फैसले के बड़े प्रभाव होना स्वाभाविक है। नोटबंदी की वजह से कारोबारी गतिविधियों में गिरावट का अर्थव्यवस्था पर क्षणिक असर होगा।

कालेधन के मुद्दे पर वित्तमंत्री ने लिखा कि कालेधन कानून के अंतर्गत अघोषित आय की घोषणा के लिए एक खिड़की खोली गई है जिसमें 60 फीसदी कर भुगतान के साथ-साथ 10 साल जेल का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले ही दिन स्पष्ट कर दिया था कि यह कदम शैडो इकोनॉमी और कालेधन के खिलाफ होगा।

साथ ही उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर कानून (जीएसटी) इस वर्ष लागू किया जाना लगभग तय है, जो कि एक बेहतर अप्रत्यक्ष कर प्रशासन उपलब्ध करवाएगा और कर चोरी जैसे मामलों की जांच करेगा। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार जीएसटी कानून को हर हाल में 1 अप्रैल 2017 को लागू करना चाहती है वहीं राज्यों से इसपर सहमति न बन पाने के चलते यह सितम्बर या उससे आगे टल सकता है।