नई दिल्ली, जनवरी 9: पेट्रोल पंप मालिकों ने ईंधन खरीदने के लिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान स्‍वीकार नहीं करने के अपने फैसले को 13 जनवरी तक टाल दिया है। उन्‍होंने बैंकों द्वारा पेट्रोल पम्‍पों पर लेन-देन शुल्‍क लगाने के निर्णय को स्‍थगित करने के बाद यह कदम उठाया है। बैंकों के इस फैसले से पहले से ही नकदी की किल्लत से जूझ रहे उपभोक्ताओं की मुसीबत और बढ़ गयी थी।उल्लेखनीय है कि पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने रविवार को 1 प्रतिशत शुल्क और उस पर टैक्स लगाने के बैंकों के निर्णय के विरोध में पेट्रोल पंपों पर डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भुगतान नहीं लेने का फैसला किया था। पेट्रोल पम्प एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने कहा था कि हमें एचडीएफ़सी, आईसीआईसी और एक्सिस बैंक ने नोटिस देकर कहा है कि वह 9 जनवरी 2017 से क्रेडिट कार्डों से हुई बिक्री पर एक प्रतिशत और डेबिट कार्ड से हुई बिक्री पर 0.25 प्रतिशत शुल्क लेंगे।

वहीं पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि, पेट्रोल पंपों पर अगले कुछ दिनों तक क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पेमेंट पर ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगाने की बात कही है। बैंकों द्वारा अचानक लिए गए इस फैसले से पेट्रोलियम मंत्रालय भी हैरान था। दिल्ली में मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा था कि उन्हें बैंकों के निर्णय की कोई जानकारी नहीं थी।

बता दें की सरकार ने नोटबंदी के बाद नकदी लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए उपभोक्‍ताओं के लिए ईंधन की खरीद पर मर्चेन्‍ट डिस्‍काउन्‍ट रेट यानी (एमडीआर) खत्‍म कर दिया था लेकिन 50 दिन की छूट की अवधि समाप्‍त होने के बाद बैंकों ने पेट्रोल पंप मालिकों पर एमडीआर लगाने का निर्णय लिया था।

देश के 56,190 पेट्रोल पंप में से करीब 52,000 पेट्रोल पंपों पर आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक की कार्ड स्वाइप मशीने हैं। नोटिस मिलने के बाद रविवार को पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने बेंगलुरु में मीटिंग कर कार्ड पेमेंट से भुगतान नहीं लेने का फैसला किया था।