नई दिल्ली, जनवरी 9: नोटबंदी के बाद से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) किसी भी प्रकार की धांधली के प्रति और अधिक सचेत हो गया है। आरबीआई ने नियमों की अनदेखी करने वाले बैकों पर उचित कार्यवाही भी शुरू कर दी है। इस क्रम में आरबीआई ने लक्ष्मी विलास बैंक पर बैंकिंग नियमों का पालन नहीं करने पर 3 करोड़ रूपये का जुर्माना लगाया है।आरबीआई के मुताबिक, लक्ष्मी विलास बैंक के खिलाफ ये कार्रवाई केवाईसी नियमों का पालन नहीं करने, करेंट एकाउंट्स को लेकर लापरवाही बरतने और वॉक-इन ग्राहकों को लेकर गड़बड़ियों के चलते की है। आरबीआई ने इसकी जांच करवाई और दोषी पाए जाने पर बैंक पर वित्तीय जुर्माना लगाया।

रिजर्व बैंक ने बताया कि लक्ष्मी विलास बैंक की एक शाखा को लेकर शिकायत मिली। शिकायत की जांच करने के बाद आरबीआई ने बैंक प्रबंधन से स्पष्ट्रीकरण मांगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरबीआई ने लक्ष्मी निवास बैंक को दोषी माना और उस पर 3 करोड़ रूपये का जुर्माना लगाया।Embeded Objectवहीं सरकार ने ही बैंकों से इस वर्ष फरवरी तक सभी खाताधारकों से उनका पैन नम्‍बर या फार्म-60 लेने को कहा है। केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड ने आज इस संबंध में अधिसूचना जारी की और इस संबंध में आयकर नियमों में संशोधन की जानकारी दी। हालांकि यह नियम जीरो बैलेंस खाते और जनधन खाते जैसे प्राथमिक बैंक खातों पर लागू नहीं होगा। बैंकों और डाकघरों से नोटबंदी के दौरान सीमा से अधिक नगदी जमा करने वाले लोगों के पहली अप्रैल 2016 से आठ नवम्‍बर 2016 तक के खातों का ब्‍यौरा मांगा गया है।